उत्पन्ना एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:52–05:40
दिन 06:28–17:07 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:52–05:40 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:26–12:09 43 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 05:02, 5 दिसम्बर–06:43, 5 दिसम्बर 1 घं 42 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:28–11:48 1 घं 20 मि
- यमगण्ड
- 14:27–15:47 1 घं 20 मि
- गुलिक काल
- 07:48–09:08 1 घं 20 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:36–09:18 43 मिनट 12:09–12:52 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 18:51–20:33 1 घं 42 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:28–07:48
- लाभ 07:48–09:08
- अमृत 09:08–10:28
- काल 10:28–11:48
- शुभ 11:48–13:08
- रोग 13:08–14:27
- उद्वेग 14:27–15:47
- चल 15:47–17:07
रात
- रोग 17:07–18:48
- काल 18:48–20:28
- लाभ 20:28–22:08
- उद्वेग 22:08–23:48
- शुभ 23:48–01:28, 5 दिसम्बर
- अमृत 01:28, 5 दिसम्बर–03:08, 5 दिसम्बर
- चल 03:08, 5 दिसम्बर–04:48, 5 दिसम्बर
- रोग 04:48, 5 दिसम्बर–06:29, 5 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 दिसम्बर 2026 को कौन सी तिथि है?
4 दिसम्बर 2026 को कृष्ण एकादशी है, जो 23:45 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
4 दिसम्बर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
हस्त नक्षत्र 10:23 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
4 दिसम्बर 2026 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 10:28 से 11:48 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:28 बजे और सूर्यास्त 17:07 बजे है।