उत्पन्ना एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:14–06:02
दिन 06:50–17:34 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:14–06:02 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:51–12:33 43 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 04:52, 22 नवम्बर–06:23, 22 नवम्बर 1 घं 31 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:32–14:53 1 घं 20 मि
- यमगण्ड
- 06:50–08:11 1 घं 20 मि
- गुलिक काल
- 09:31–10:52 1 घं 20 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:25–11:08 43 मिनट 14:42–15:25 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 19:44–21:16 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:50–08:11
- रोग 08:11–09:31
- उद्वेग 09:31–10:52
- चल 10:52–12:12
- लाभ 12:12–13:32
- अमृत 13:32–14:53
- काल 14:53–16:13
- शुभ 16:13–17:34
रात
- अमृत 17:34–19:13
- चल 19:13–20:53
- रोग 20:53–22:33
- काल 22:33–00:12, 22 नवम्बर
- लाभ 00:12, 22 नवम्बर–01:52, 22 नवम्बर
- उद्वेग 01:52, 22 नवम्बर–03:32, 22 नवम्बर
- शुभ 03:32, 22 नवम्बर–05:11, 22 नवम्बर
- अमृत 05:11, 22 नवम्बर–06:51, 22 नवम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 नवम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
21 नवम्बर 2030 को कृष्ण एकादशी है, जो 00:10, 22 नवम्बर बजे तक रहती है। (जयपुर)
21 नवम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 11:45 बजे तक रहता है। (जयपुर)
21 नवम्बर 2030 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 13:32 से 14:53 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 नवम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 06:50 बजे और सूर्यास्त 17:34 बजे है।