हिन्दू कैलेंडर

विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · मार्गशीर्ष · शरद ऋतु

‹

21 नवम्बर 2030

गुरुवार · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी, द्वादशी

› माह

उत्पन्ना एकादशी

व्रत

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
06:50
दिनमान 10 घं 43 मि
सूर्यास्त
17:34
चंद्रोदय
03:29
चंद्रास्त
14:21

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 17:34 अगला सूर्योदय 06:51
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
11:51–12:33 04:52, 22 नवम्बर–06:23, 22 नवम्बर

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:14–06:02

अशुभ काल
यमगण्ड गुलिक दुर्मुहूर्त राहु दुर्मुहूर्त वर्ज्य
06:50–08:11 09:31–10:52 10:25–11:08 13:32–14:53 14:42–15:25 19:44–21:16
12 00

दिन 06:50–17:34 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 17:34 अगला सूर्योदय 06:51
तिथि चंद्र दिवस
कृष्ण एकादशी कृष्ण द्वादशी
00:10, 22 नवम्बर 21:55, 22 नवम्बर तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
उत्तरा फाल्गुनी हस्त
11:45 10:34, 22 नवम्बर तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
विष्कम्भ प्रीति
09:35 06:56, 22 नवम्बर तक
करण आधी तिथि
बव बालव कौलव
13:01 00:10, 22 नवम्बर 11:07, 22 नवम्बर तक
वार गुरुवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
05:14–06:02 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
11:51–12:33 43 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
04:52, 22 नवम्बर–06:23, 22 नवम्बर 1 घं 31 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
13:32–14:53 1 घं 20 मि
यमगण्ड
06:50–08:11 1 घं 20 मि
गुलिक काल
09:31–10:52 1 घं 20 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
10:25–11:08 43 मिनट 14:42–15:25 43 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
19:44–21:16 1 घं 31 मि

चौघड़िया

दिन

  • शुभ 06:50–08:11
  • रोग 08:11–09:31
  • उद्वेग 09:31–10:52
  • चल 10:52–12:12
  • लाभ 12:12–13:32
  • अमृत 13:32–14:53
  • काल 14:53–16:13
  • शुभ 16:13–17:34

रात

  • अमृत 17:34–19:13
  • चल 19:13–20:53
  • रोग 20:53–22:33
  • काल 22:33–00:12, 22 नवम्बर
  • लाभ 00:12, 22 नवम्बर–01:52, 22 नवम्बर
  • उद्वेग 01:52, 22 नवम्बर–03:32, 22 नवम्बर
  • शुभ 03:32, 22 नवम्बर–05:11, 22 नवम्बर
  • अमृत 05:11, 22 नवम्बर–06:51, 22 नवम्बर

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
मास (अमांत)
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
शरद
सूर्य राशि
वृश्चिक
चंद्र राशि
कन्या

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 नवम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?

21 नवम्बर 2030 को कृष्ण एकादशी है, जो 00:10, 22 नवम्बर बजे तक रहती है। (जयपुर)

21 नवम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 11:45 बजे तक रहता है। (जयपुर)

21 नवम्बर 2030 को राहु काल कब है?

जयपुर में राहु काल 13:32 से 14:53 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

21 नवम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

जयपुर में सूर्योदय 06:50 बजे और सूर्यास्त 17:34 बजे है।