उत्पन्ना एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:16–05:04
दिन 05:52–16:51 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:16–05:04 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:00–11:44 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 04:52, 22 नवम्बर–06:23, 22 नवम्बर 1 घं 31 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:44–14:06 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 05:52–07:15 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 08:37–09:59 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:32–10:16 44 मिनट 13:55–14:39 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 19:44–21:16 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 05:52–07:15
- रोग 07:15–08:37
- उद्वेग 08:37–09:59
- चल 09:59–11:22
- लाभ 11:22–12:44
- अमृत 12:44–14:06
- काल 14:06–15:29
- शुभ 15:29–16:51
रात
- अमृत 16:51–18:29
- चल 18:29–20:07
- रोग 20:07–21:44
- काल 21:44–23:22
- लाभ 23:22–01:00, 22 नवम्बर
- उद्वेग 01:00, 22 नवम्बर–02:37, 22 नवम्बर
- शुभ 02:37, 22 नवम्बर–04:15, 22 नवम्बर
- अमृत 04:15, 22 नवम्बर–05:53, 22 नवम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 नवम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
21 नवम्बर 2030 को कृष्ण एकादशी है, जो 00:10, 22 नवम्बर बजे तक रहती है। (कोलकाता)
21 नवम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 11:45 बजे तक रहता है। (कोलकाता)
21 नवम्बर 2030 को राहु काल कब है?
कोलकाता में राहु काल 12:44 से 14:06 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 नवम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
कोलकाता में सूर्योदय 05:52 बजे और सूर्यास्त 16:51 बजे है।