उत्पन्ना एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:08–05:56
दिन 06:44–17:40 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:08–05:56 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:50–12:34 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 04:52, 22 नवम्बर–06:23, 22 नवम्बर 1 घं 31 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:34–14:56 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 06:44–08:06 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 09:28–10:50 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:23–11:06 44 मिनट 14:45–15:29 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 19:44–21:16 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:44–08:06
- रोग 08:06–09:28
- उद्वेग 09:28–10:50
- चल 10:50–12:12
- लाभ 12:12–13:34
- अमृत 13:34–14:56
- काल 14:56–16:18
- शुभ 16:18–17:40
रात
- अमृत 17:40–19:18
- चल 19:18–20:56
- रोग 20:56–22:34
- काल 22:34–00:12, 22 नवम्बर
- लाभ 00:12, 22 नवम्बर–01:50, 22 नवम्बर
- उद्वेग 01:50, 22 नवम्बर–03:28, 22 नवम्बर
- शुभ 03:28, 22 नवम्बर–05:06, 22 नवम्बर
- अमृत 05:06, 22 नवम्बर–06:44, 22 नवम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 नवम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
21 नवम्बर 2030 को कृष्ण एकादशी है, जो 00:10, 22 नवम्बर बजे तक रहती है। (उज्जैन)
21 नवम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 11:45 बजे तक रहता है। (उज्जैन)
21 नवम्बर 2030 को राहु काल कब है?
उज्जैन में राहु काल 13:34 से 14:56 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 नवम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
उज्जैन में सूर्योदय 06:44 बजे और सूर्यास्त 17:40 बजे है।