उत्पन्ना एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:38–05:26
दिन 06:14–17:41 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:38–05:26 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:35–12:20 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 04:52, 22 नवम्बर–06:23, 22 नवम्बर 1 घं 31 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:23–14:49 1 घं 26 मि
- यमगण्ड
- 06:14–07:40 1 घं 26 मि
- गुलिक काल
- 09:06–10:32 1 घं 26 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:03–10:49 46 मिनट 14:38–15:24 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 19:44–21:16 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:14–07:40
- रोग 07:40–09:06
- उद्वेग 09:06–10:32
- चल 10:32–11:58
- लाभ 11:58–13:23
- अमृत 13:23–14:49
- काल 14:49–16:15
- शुभ 16:15–17:41
रात
- अमृत 17:41–19:15
- चल 19:15–20:50
- रोग 20:50–22:24
- काल 22:24–23:58
- लाभ 23:58–01:32, 22 नवम्बर
- उद्वेग 01:32, 22 नवम्बर–03:06, 22 नवम्बर
- शुभ 03:06, 22 नवम्बर–04:40, 22 नवम्बर
- अमृत 04:40, 22 नवम्बर–06:14, 22 नवम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 नवम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
21 नवम्बर 2030 को कृष्ण एकादशी है, जो 00:10, 22 नवम्बर बजे तक रहती है। (तिरुपति)
21 नवम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 11:45 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
21 नवम्बर 2030 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 13:23 से 14:49 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 नवम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:14 बजे और सूर्यास्त 17:41 बजे है।