पूर्णिमा
व्रतआंशिक चंद्र ग्रहण
17:52–18:47 (भुवनेश्वर में आंशिक रूप से दृश्य)- स्पर्श
- 17:52
- मध्य
- 17:52
- मोक्ष
- 18:47
- ग्रहण मान
- 0.778
- सूतक काल
- 08:52–18:47
सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:29–05:17
दिन 06:05–17:52 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:29–05:17 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:35–12:22 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 01:13, 4 मार्च–02:49, 4 मार्च 1 घं 36 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:55–16:23 1 घं 28 मि
- यमगण्ड
- 09:01–10:30 1 घं 28 मि
- गुलिक काल
- 11:58–13:27 1 घं 28 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:26–09:13 47 मिनट 22:45–23:33 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 15:34–17:10 1 घं 36 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:05–07:33
- उद्वेग 07:33–09:01
- चल 09:01–10:30
- लाभ 10:30–11:58
- अमृत 11:58–13:27
- काल 13:27–14:55
- शुभ 14:55–16:23
- रोग 16:23–17:52
रात
- काल 17:52–19:23
- लाभ 19:23–20:55
- उद्वेग 20:55–22:26
- शुभ 22:26–23:58
- अमृत 23:58–01:29, 4 मार्च
- चल 01:29, 4 मार्च–03:01, 4 मार्च
- रोग 03:01, 4 मार्च–04:32, 4 मार्च
- काल 04:32, 4 मार्च–06:04, 4 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
3 मार्च 2026 को कौन सी तिथि है?
3 मार्च 2026 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 17:07 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
3 मार्च 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 07:31 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
3 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 14:55 से 16:23 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
3 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:05 बजे और सूर्यास्त 17:52 बजे है।