पूर्णिमा
व्रतआंशिक चंद्र ग्रहण
18:06–18:47 (प्रयागराज में आंशिक रूप से दृश्य)- स्पर्श
- 18:06
- मध्य
- 18:06
- मोक्ष
- 18:47
- ग्रहण मान
- 0.594
- सूतक काल
- 09:06–18:47
सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:47–05:35
दिन 06:23–18:05 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:47–05:35 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:51–12:38 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 01:13, 4 मार्च–02:49, 4 मार्च 1 घं 36 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:10–16:37 1 घं 28 मि
- यमगण्ड
- 09:19–10:47 1 घं 28 मि
- गुलिक काल
- 12:14–13:42 1 घं 28 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:44–09:30 47 मिनट 23:00–23:49 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 15:34–17:10 1 घं 36 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:23–07:51
- उद्वेग 07:51–09:19
- चल 09:19–10:47
- लाभ 10:47–12:14
- अमृत 12:14–13:42
- काल 13:42–15:10
- शुभ 15:10–16:37
- रोग 16:37–18:05
रात
- काल 18:05–19:37
- लाभ 19:37–21:09
- उद्वेग 21:09–22:42
- शुभ 22:42–00:14, 4 मार्च
- अमृत 00:14, 4 मार्च–01:46, 4 मार्च
- चल 01:46, 4 मार्च–03:18, 4 मार्च
- रोग 03:18, 4 मार्च–04:50, 4 मार्च
- काल 04:50, 4 मार्च–06:22, 4 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
3 मार्च 2026 को कौन सी तिथि है?
3 मार्च 2026 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 17:07 बजे तक रहती है। (प्रयागराज)
3 मार्च 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 07:31 बजे तक रहता है। (प्रयागराज)
3 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
प्रयागराज में राहु काल 15:10 से 16:37 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
3 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
प्रयागराज में सूर्योदय 06:23 बजे और सूर्यास्त 18:05 बजे है।