पूर्णिमा
व्रतआंशिक चंद्र ग्रहण
18:46–18:47 (सूरत में आंशिक रूप से दृश्य)- स्पर्श
- 18:46
- मध्य
- 18:46
- मोक्ष
- 18:47
- ग्रहण मान
- 0.015
- सूतक काल
- 09:46–18:47
सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:21–06:09
दिन 06:57–18:43 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:21–06:09 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:27–13:14 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 01:13, 4 मार्च–02:49, 4 मार्च 1 घं 36 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:47–17:15 1 घं 28 मि
- यमगण्ड
- 09:54–11:22 1 घं 28 मि
- गुलिक काल
- 12:50–14:19 1 घं 28 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:18–10:05 47 मिनट 23:37–00:25, 4 मार्च 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 15:34–17:10 1 घं 36 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:57–08:25
- उद्वेग 08:25–09:54
- चल 09:54–11:22
- लाभ 11:22–12:50
- अमृत 12:50–14:19
- काल 14:19–15:47
- शुभ 15:47–17:15
- रोग 17:15–18:43
रात
- काल 18:43–20:15
- लाभ 20:15–21:47
- उद्वेग 21:47–23:18
- शुभ 23:18–00:50, 4 मार्च
- अमृत 00:50, 4 मार्च–02:21, 4 मार्च
- चल 02:21, 4 मार्च–03:53, 4 मार्च
- रोग 03:53, 4 मार्च–05:25, 4 मार्च
- काल 05:25, 4 मार्च–06:56, 4 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
3 मार्च 2026 को कौन सी तिथि है?
3 मार्च 2026 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 17:07 बजे तक रहती है। (सूरत)
3 मार्च 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 07:31 बजे तक रहता है। (सूरत)
3 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल 15:47 से 17:15 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
3 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूरत में सूर्योदय 06:57 बजे और सूर्यास्त 18:43 बजे है।