पूर्णिमा
व्रतआंशिक चंद्र ग्रहण
18:33–18:47 (उज्जैन में आंशिक रूप से दृश्य)- स्पर्श
- 18:33
- मध्य
- 18:33
- मोक्ष
- 18:47
- ग्रहण मान
- 0.213
- सूतक काल
- 09:33–18:47
सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:10–05:58
दिन 06:46–18:30 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:10–05:58 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:15–13:02 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 01:13, 4 मार्च–02:49, 4 मार्च 1 घं 36 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:34–17:02 1 घं 28 मि
- यमगण्ड
- 09:42–11:10 1 घं 28 मि
- गुलिक काल
- 12:38–14:06 1 घं 28 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:07–09:54 47 मिनट 23:24–00:13, 4 मार्च 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 15:34–17:10 1 घं 36 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:46–08:14
- उद्वेग 08:14–09:42
- चल 09:42–11:10
- लाभ 11:10–12:38
- अमृत 12:38–14:06
- काल 14:06–15:34
- शुभ 15:34–17:02
- रोग 17:02–18:30
रात
- काल 18:30–20:02
- लाभ 20:02–21:34
- उद्वेग 21:34–23:06
- शुभ 23:06–00:38, 4 मार्च
- अमृत 00:38, 4 मार्च–02:10, 4 मार्च
- चल 02:10, 4 मार्च–03:42, 4 मार्च
- रोग 03:42, 4 मार्च–05:14, 4 मार्च
- काल 05:14, 4 मार्च–06:46, 4 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
3 मार्च 2026 को कौन सी तिथि है?
3 मार्च 2026 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 17:07 बजे तक रहती है। (उज्जैन)
3 मार्च 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 07:31 बजे तक रहता है। (उज्जैन)
3 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
उज्जैन में राहु काल 15:34 से 17:02 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
3 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
उज्जैन में सूर्योदय 06:46 बजे और सूर्यास्त 18:30 बजे है।